एआरटीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पूर्णतः पारदर्शी एवं ऑनलाइन, भ्रामक समाचारों पर विभाग ने जारी किया स्पष्टीकरण
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर l उप सम्भागीय परिवहन कार्यालय, हमीरपुर द्वारा कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी कार्यों में कथित अनियमितता, दलालों की सक्रियता तथा परिवहन अधिकारी के कथित बयान से संबंधित समाचारों का संज्ञान लेते हुए विभाग की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि प्रकाशित समाचार में उल्लिखित तथ्यों की विभाग द्वारा गंभीरता से जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कोई अधिकारी, कर्मचारी अथवा बाहरी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाचार में परिवहन अधिकारी के नाम से प्रकाशित कथित बयान पूर्णतः भ्रामक, असत्य एवं तथ्यों से परे है। विभाग अथवा किसी भी सक्षम परिवहन अधिकारी द्वारा ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
एआरटीओ ने बताया कि लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन एवं फेसलेस प्रणाली पर आधारित है। आवेदन, परीक्षा एवं स्वीकृति की समस्त कार्यवाही निर्धारित ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संपादित की जाती है। इस प्रक्रिया में किसी भी आवेदक को कार्यालय आने अथवा किसी बिचौलिये अथवा एजेंट की सहायता लेने की आवश्यकता नहीं होती।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग की सभी सेवाएं शासन द्वारा निर्धारित शुल्क पर उपलब्ध हैं तथा किसी भी व्यक्ति को निर्धारित सरकारी शुल्क के अतिरिक्त कोई धनराशि देने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई व्यक्ति परिवहन विभाग का कार्य कराने के नाम पर अवैध धनराशि अथवा सुविधा शुल्क की मांग करता है तो उसकी शिकायत साक्ष्यों सहित हेल्पलाइन नंबर 1800-180-0152 अथवा संबंधित परिवहन कार्यालय में दर्ज कराई जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। ओवरलोड वाहनों, फर्जी नंबर प्लेट, बिना वैध दस्तावेजों के संचालन तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध नियमित रूप से विशेष अभियान चलाकर चालान एवं सीज की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने सभी समाचार माध्यमों से अनुरोध किया कि परिवहन विभाग से संबंधित किसी भी समाचार के प्रकाशन से पूर्व विभाग का अधिकृत पक्ष अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि आमजन तक सही एवं तथ्यात्मक जानकारी पहुंचे तथा किसी प्रकार की भ्रांति की स्थिति उत्पन्न न हो।