राज राजेश्वरी देवी की जयंती पर गुरु वंदना के गाएं गए भजन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वाधान में श्री हंस मंदिर श्याम नगर में सतपाल महाराज की माता राज राजेश्वरी देवी की पावन जयंती के अवसर पर सत्संग समारोह का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम भक्तों ने गुरु वंदना व भजन गाए तत्पश्चात साध्वी पदमा बाई, साध्वी दुर्गा बाई , साध्वी मुदिता बाई ने अपने सत्संग विचारों में माता के महिमा पर प्रकाश डाला । अंत में मंदिर प्रभारी साध्वी चंदनबाई ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत वर्ष की महान संस्कृति यही सिखाती है कि माता ही शिशु की आदि गुरु है, क्योंकि उसी की दया व अनुग्रह पर बच्चों का यह लौकिक जीवन निर्भर करता है।मनुष्य शरीर परमात्मा की कृपा से जीवात्मा को प्राप्त होता है। खाना-पीना , सोना और विषय भोगों का उपभोग, मानव तन प्राप्ति का उद्देश्य नहीं है। परमात्मा को जानकर उसका भजन ध्यान करना ही मानव जीवन की प्राप्ति का मूल उद्देश्य है। आज का युवा समाज पढ़ लिख कर भी अपने जीवन के मूल उद्देश्य से भटक गया है। भौतिक विद्या प्राप्त करके भी आज की युवा का नैतिक एवं चारित्रिक पतन हो रहा है, क्योंकि वह अध्यात्म से विमुख है। आध्यात्म ज्ञान को जानकर ही मानव का नैतिक एवं चारित्रिक उत्थान संभव है। इसलिए आज के युवा वर्ग के लिए भी भौतिक विद्या के साथ-साथ अध्यात्म विद्या को जानना अत्यंत आवश्यक है। उक्त कार्यक्रम में मुख्य रूप से शैलेंद्र पाल, गिरधारी लाल गुप्ता अवधेश कटियार, हरि करन सिंह,शैलेंद्र सेंगर,विवेक राजावत, माया दीक्षित, बबली गुप्ता आदि लोगों का विशेष योगदान रहा। अंत में भंडारे का आयोजन किया गया।
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