किसानों में जल्द से जल्द गेहूं बेचने की मची होड़ |
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस मौदहा,हमीरपुर l सरकारी गेहूं खरीद व्यवस्था जिले में अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। चार दिनों के भीतर तीन चयनित केंद्रों में से केवल एक केंद्र पर ही खरीद हो सकी, जबकि दो केंद्र बारदाना व कांटा (तौल मशीन) के अभाव में पूरी तरह संचालित नहीं हो पाए हैं। मौजूदा समय में बाजार भाव की तुलना में सरकार का समर्थन मूल्य करीब चार सौ रुपए अधिक होने से किसानों में जल्द से जल्द गेहूं बेचने की होड़ मची हुई है। किसान फसल काटकर मंडी पहुंचने के लिए आपाधापी में हैं, लेकिन खरीद केंद्रों की बदहाल व्यवस्था उनके लिए परेशानी का सबब बन रही है। वहीं बीते दो दिनों से खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बताते चलें कि मौदहा कृषि उत्पादन मंडी समिति में शासन द्वारा तीन एजेंसियों—एफसीआई, विपणन शाखा और एक अन्य केंद्र—को गेहूं खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक अप्रैल से इन केंद्रों का शुभारंभ कर खरीद प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद हकीकत यह है कि चार दिनों में केवल विपणन शाखा के एक केंद्र पर ही करीब 129 कुंतल गेहूं की खरीद हो सकी है, जबकि अन्य दोनों केंद्रों पर अभी तक खाता तक नहीं खुल पाया है। इस संबंध में विपणन शाखा के केंद्र प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि किसानों से लगातार संपर्क कर गेहूं खरीद के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं अन्य केंद्रों के प्रभारियों ने बारदाना और कांटा उपलब्ध न होने के कारण खरीद शुरू न हो पाने की बात कही है। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सभी केंद्रों पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर खरीद सुचारू रूप से शुरू कराई जाए, ताकि उन्हें समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।