स्थापना दिवस पर विद्यार्थी परिषद करेगा सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रम
- 8 से 14 जुलाई तक के कार्यक्रमों की तय हुई रणनीति, जिलों को सौंपी गई जिम्मेदारी
- खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, युवा संवाद, पौधारोपण और रक्तदान शिविर
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 9 जुलाई को मनाए जाने वाले स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस को लेकर कानपुर प्रांत ने सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली है। शनिवार दोपहर चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि में हुई बैठक में 8 से 14 जुलाई तक छात्र संपर्क, वृक्षारोपण, रक्तदान, स्वच्छता अभियान और युवा संवाद समेत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया बैठक में कानपुर प्रांत के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने स्थापना दिवस को व्यापक स्तर पर मनाने की योजना बनाई। परिषद पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस केवल संगठन का स्थापना दिवस नहीं, बल्कि युवाओं में राष्ट्रभावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने का अवसर है। बैठक में तय किया गया कि प्रांत के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों में व्यापक छात्र संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही बड़े स्तर पर वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और सेवा बस्तियों में सामाजिक कार्य किए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण और समाजसेवा को इस वर्ष विशेष प्राथमिकता दी गई है।युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, युवा संवाद, शोधार्थी सम्मेलन (रिसर्चर्स मीट) और विभिन्न बौद्धिक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ना है। कानपुर प्रांत में 8 जुलाई से 14 जुलाई तक स्थापना दिवस सप्ताह मनाया जाएगा। परिषद का कहना है कि सप्ताहभर चलने वाले इन कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक चेतना तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में सभी जिलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। परिषद ने स्पष्ट किया कि सभी कार्यक्रम जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिकाधिक छात्र इन गतिविधियों से जुड़ सकें और उनका लाभ समाज तक पहुंच सके।