फायर स्टेशन घाटमपुर का निरीक्षण, उपकरण एवं व्यवस्थाएं दुरुस्त
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ0 विपिन ताडा द्वारा फायर स्टेशन घाटमपुर, कानपुर नगर का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान फायर स्टेशन पर उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों, कंट्रोल रूम तथा आवासीय परिसर का गहन अवलोकन किया गया। अग्निशमन टीम के रिस्पॉन्स टाइम का परीक्षण किया गया, जिसमें टीम द्वारा सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्यवाही करते हुए मात्र 02 मिनट में घटनास्थल हेतु रवाना होना पाया गया, जो संतोषजनक है। साथ ही परिसर में साफ-सफाई एवं उपकरणों के रखरखाव की स्थिति भी अच्छी पाई गई। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में संधारित अभिलेखों जैसे फायर रजिस्टर, रेस्क्यू रिपोर्ट रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर एवं स्टोर रजिस्टर* आदि का अवलोकन किया गया। प्राप्त अभिलेखों के अनुसार इस वर्ष में घाटमपुर अग्निशमन केन्द्र पर आग की 39 घटनाएं व 20 जीव रक्षा हुई तथा पिछले वर्ष में अब तक 286 आग की घटनाएं व 78 जीव रक्षाएं की गई। वहीं सम्पूर्ण कानपुर नगर में गत अवधि में 187 अग्निकांड तथा इस वर्ष अब तक कुल 355 घटनाएं दर्ज की गई हैं। अग्निशमन विभाग द्वारा जनजागरूकता एवं आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अग्नि शमन एवं आपात सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके तहत घाटमपुर अग्निशमन केन्द्र में अब तक 188 व्यक्तियों को तथा कानपुर नगर के सभी चारों अग्निशमन केन्द्रों में कुल 293 व्यक्तियों को प्रशिक्षण प्रदान कर ‘अग्नि सचेतक’ के रूप में तैयार किया गया है, जिससे आपात स्थिति में प्रारंभिक स्तर पर आग पर नियंत्रण में सहायता मिल सके। फायर स्टेशन पर कुल 22 अग्निशमन कर्मियों के लिए नियमानुसार ड्यूटी चार्ट निर्धारित है, जिसमें वर्तमान में 13 कर्मियों की तैनाती के साथ भी कार्य कुशलतापूर्वक संपादित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त आर.सी.एस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वाराक्षेत्रों में संबंधित सूचनाओं पर पहुंच कर त्वरित पहुंच सुनिश्चित करते हुए प्रभावी अग्निशमन कार्यवाही की जा रही है। घाटमपुर अग्निशमन केंद्र के अंतर्गत थाना सजेती , सेन पश्चिम पारा, रेऊना, घाटमपुर, बिधनू आते है। आकस्मिक घटनाओं से निपटने हेतु थाना रेऊना व थाना बिधनू पर 24 घंटे 1-1 गाड़ी मौजूद रहती है आकस्मिक स्थिति मे एनयूपीपीएल पावर प्लांट सजेती से 03 फायर टेंडरों को मदद स्वरूप बुला लिया जाता है।
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