हम किसी विषय पर प्रतिक्रिया से अधिक कार्य करने पर विश्वास रखते हैं: आरएसएस
- अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र ठाकुर ने प्रेस-मीडिया से किया संवाद
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कानपुर प्रान्त ने शुक्रवार को मीडिया संवाद का कार्यक्रम आयोजन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र ठाकुर ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में विजयादशमी 2025 से विविध प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पथसंचलन, व्यापक गृह संपर्क व हिन्दू सम्मेलन भी पूरे देश में हुए। पत्रकारों और कंटेट क्रियेटर्स को संघ के बारे में पूरी और सही जानकारी होना आवश्यक है। यही कार्यक्रम का उद्देश्य है। सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र ठाकुर ने कहा संघ की 100 वर्ष की यात्रा के प्रमुख पड़ावों का वर्णन करते हुये संघ के वर्तमान कार्यों व उद्देश्यों की चर्चा की। कहा कि संस्थापक डॉ. हेडगेवार के मन में यह विचार आया कि हम स्वतंत्र तो हो जायेंगे, लेकिन यह स्वतंत्रता टिकी कैसे रहे, इसके लिए कार्य करने की आवश्यकता है। संघ को नाम या प्रसिद्धि की कामना नहीं है। हम सिर्फ दैनिक शाखा के माध्यम से समाज के प्रति संवेदनशील व व्यक्तिगत चरित्र निर्माण का कार्य करते हैं। संघ ने विगत 10 या 12 सालों से ही मीडिया से इंटरएक्शन करना शुरू किया। क्योंकि पहले मीडिया भी हमको नहीं पूछता था, ऐसी कोई शक्ति हमें नहीं समझा जाता था। मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने से अधिक धरातल पर और चुपचाप कार्य करने पर विश्वास रखते हैं।
संघ की विचारधारा है कि हमारा कोई विरोधी नहीं है, सब हमारे अपने हैं। पूरे देश में लगभग 55,700 स्थानों पर 89,000 शाखाएं तथा लगभग 23000 स्थानों पर 32,600 से अधिक मिलन चल रहे हैं। संघ समाज में समस्या आने पर उसके समाधान की दृष्टि प्रदान करने का कार्य करता है। इस कार्य में 32 अखिल भारतीय संगठन हमारा सहयोग कर रहे हैं। प्रांतों में स्थानीय स्तर पर भी अनेक संगठन हैं। देश भर में 1.70 लाख नियमित सेवा कार्य चल रहे हैं। संघ ने शताब्दी वर्ष में समय से जुड़े पांच बिन्दुओं पर कार्य करने का निर्णय लिया है। सामाजिक समरसता अर्थात मंदिर, श्मशान और पानी सबके लिए होना चाहिए। कुटुंब प्रबोधन अर्थात परिवारों को भारतीय मूल्यों और संस्कारों के आधार पर विकसित करना। पर्यावरण अर्थात पेड़, पानी और प्लास्टिक के सम्बन्ध में कार्य करना। स्व-आधारित जीवन शैली और स्वदेशी को अपनाने पर बल देना। इसके अतिरिक्त नागरिक कर्तव्यों को ध्यान में रखकर कार्य करना आवश्यक है। संघ एक राष्ट्रीय आंदोलन है। संघ की प्रार्थना नमस्ते सदा वत्सले ... की आखिरी पंक्ति भारत माता की जय है। हम इसी के लिए कार्य कर रहे हैं।
अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ने पत्रकारों प्रश्नों का उत्तर भी दिया। यूजीसी के एक विवादित नियम पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि संघ हर विषय पर प्रतिक्रिया नहीं देता है। यह मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए प्रतिक्रिया नहीं दी है। हमारा मानना है कि किसी नियम या कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। समाज के लिए भी आवश्यक है कि एकजुटता बनी रहे। ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से प्रतिवर्ष 8-10 हजार युवा हमारे साथ जुड़ रहे हैं। हमारे यहाँ प्राथमिक वर्ग युवा स्वयंसेवकों को एक बार ही करना होता है। इसमें 1.24 लाख से अधिक स्वयंसेवक भाग लेते हैं। सहयोगी संगठनों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े, इसके लिए कार्य हो रहा है। शाखाओं में किसी भी पूजा पद्धति को मानने वाले व्यक्ति के आने पर कोई रोक नहीं है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य अशोक बेरी, प्रान्त संघचालक भवानी भीख, प्रान्त प्रचारक श्रीराम, प्रान्त प्रचार प्रमुख डॉ. अनुपम, प्रान्त सह प्रचार प्रमुख संजीव सोमवंशी व डॉ. रतन, विश्व संवाद केंद्र प्रमुख सारांश कनौजिया, प्रान्त मीडिया संवाद प्रमुख क्रान्ति कुमार उपस्थि रहे।