शिशु को जन्म के पहले घंटे स्तनपान जरूरी: डॉ जे एस नारंग
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। भारतीय बाल रोग अकादमी द्वारा विश्व स्तनपान के अवसर पर मारियमपुर हॉस्पिटल शास्त्री नगर में स्तनपान सप्ताह प्रशिक्षण का कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ जे एस नारंग, सचिव डॉ शैलेन्द्र गौतम ,डॉ सी एस गांधी डॉ अर्पित गोयल ने किया।कार्यक्रम में लगभग 25 नर्सिंग स्टाफ व माताओं ने भाग लिया।कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ जे एस नारंग ने बताया कि शिशु को जन्म के पहले घंटे के अंदर ही स्तनपान शुरू कर देना चाहिए चाहे उसका जन्म ऑपरेशन से ही क्यों ना हुआ हो मां का दूध समान तापक्रम में 8 घंटे तक सुरक्षित रहता है अथवा महिलाओं के कार्य स्थल पर स्तनपान कराने की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए ।स्तनपान कराने से मां का शरीर सुंदर होता है और ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना नहीं होती है। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ शैलेंद्र गौतम ने बताया कि मां द्वारा अपने शिशु को अपने स्तनों से आने वाला प्राकृतिक दूध पिलाने वाली किया को स्तनपान कहते हैं या सभी स्तनपाइयों में आम क्रिया होती है। इसी क्रम में डॉ सी एस गांधी ने बताया कि जिन बच्चों को बचपन में पर्याप्त रूप रुप से मां का दूध पीने को नहीं मिलता है उन बच्चों में डायबिटीज की बीमारी होने का खतरा अधिक होता है। छ माह से आठ माह तक शिशु के लिए मां का दूध ही श्रेष्ठ है यह जीवन रक्षक का भी काम करता है।
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