राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां तेज, सीजेएम की अध्यक्षता में मजिस्ट्रेटों की बैठक
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर l आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन एवं अधिक से अधिक वादों के निस्तारण को लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विनय कुमार की अध्यक्षता में न्यायालय परिसर स्थित विश्राम कक्ष में समस्त मजिस्ट्रेटों की बैठक आयोजित की गई। बैठक जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए अधिकाधिक उपयुक्त वादों को चिन्हित कर उन्हें लोक अदालत में संदर्भित करने, प्री-लोक अदालत बैठकों के माध्यम से समझौते के प्रयास तेज करने तथा अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही न्यायिक अधिकारियों से पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों की जानकारी देकर समझौते योग्य मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लोक अदालत के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया। बैठक में सीजेएम विनय कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र पाण्डेय, अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) शशांक गुप्ता, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एफटीसी अमी भासिनी, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अरुण यादव, महिला विरुद्ध अपराध न्यायालय के सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अंकित पाल, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एफटीसी कीर्ति मिश्रा तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव वंदना अग्रवाल उपस्थित रहीं।बैठक के अंत में विश्वास व्यक्त किया गया कि सभी न्यायालयों के समन्वित प्रयासों से राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन होगा और अधिक से अधिक वादों का सौहार्दपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।अदालत के सफल आयोजन एवं अधिक से अधिक वादों के निस्तारण को लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विनय कुमार की अध्यक्षता में न्यायालय परिसर स्थित विश्राम कक्ष में समस्त मजिस्ट्रेटों की बैठक आयोजित की गई। बैठक जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए अधिकाधिक उपयुक्त वादों को चिन्हित कर उन्हें लोक अदालत में संदर्भित करने, प्री-लोक अदालत बैठकों के माध्यम से समझौते के प्रयास तेज करने तथा अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही न्यायिक अधिकारियों से पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों की जानकारी देकर समझौते योग्य मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लोक अदालत के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया। बैठक में सीजेएम विनय कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र पाण्डेय, अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) शशांक गुप्ता, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एफटीसी अमी भासिनी, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अरुण यादव, महिला विरुद्ध अपराध न्यायालय के सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अंकित पाल, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एफटीसी कीर्ति मिश्रा तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव वंदना अग्रवाल उपस्थित रहीं।बैठक के अंत में विश्वास व्यक्त किया गया कि सभी न्यायालयों के समन्वित प्रयासों से राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन होगा और अधिक से अधिक वादों का सौहार्दपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।