6 माह तक शिशु को स्तनपान कराना ही पहला टीका
- केवल 50 प्रतिशत माताएं ही शिशु को 6 माह तक कराती है स्तनपान
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर बाल रोगअकादमी कानपुर द्वारा अंजली हॉस्पिटल श्याम नगर में नर्सिंग स्टाफ व माताओ के लिए स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में लगभग 20 माताओं व नर्सिंग स्टॉफ ने भाग लिया। कार्यक्रम में डॉ आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आज भी केवल 50 प्रतिशत माताएं शिशु को 6 माह तक पूर्णरूप से स्तनपान कराती हैं। जबकि मां का पहला दूध कोलोस्ट्रम को शिशु की पहली वैक्सीन कहा जाता है, क्योंकि इसमें शिशु को बीमारी से बचाने के लिए एंटीबॉडीज होती हैं। शिशु को पहले घंटे के भीतर स्तनपान आरंभ कर देना चाहिए और छह माह की उम्र तक सिर्फ मां का दूध देना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऊपर का दूध ,घुंटी, शहद आदि कुछ भी नहीं देना चाहिए। इसी क्रम में डॉ रितु श्रीवास्तव ने बताया कि बोतल से ऊपर का दूध पिलाने से डायरिया, न्यूमोनिया, एलर्जी, दमा आदि बीमारियां होती हैं। छः माह के उपरांत मां के दूध के अलावा ऊपर का ठोस आहार अनाज शुरू करना चाहिए। अनाज में कैलोरी ज्यादा होने से शिशु का समुचित विकास होता है। बाल रोग विभागाध्यक्ष एवं सचिव डॉ शैलेंद्र गौतम ने बताया कि मां किसी भी बीमारी में अपने शिशु को स्तनपान करा सकती है व कामकाजी महिलाए अपना दूध निकालकर फ्रिज में रखकर 24 घंटे तक शिशु पिला सकती है।