खिलाड़ियों और कर्मचारियों के आक्रोश के आगे झुका प्रशासन; अरमापुर में 'भूमि पूजन' टला
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। अरमापुर स्थित ऐतिहासिक खेल के मैदान पर निर्माण कार्य के लिए प्रस्तावित 'भूमि पूजन' को खिलाड़ियों, कर्मचारियों और आयुध निर्माणियों के यूनियन नेताओं ने एकजुट होकर नाकाम कर दिया। भारी तनाव और जबरदस्त विरोध के बीच एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को कार्यक्रम स्थगित कर वापस लौटना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद सीजीएम आलोक कुमार सिंह और डीजीएम प्रवीण शुक्ला का घेराव करते हुए तीखी आपत्ति दर्ज कराई। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और कंपनी के वकील ने कोर्ट में लिखित आश्वासन दिया था कि निस्तारण तक कोई निर्माण नहीं होगा। ऐसे में भूमि पूजन का आयोजन सीधे तौर पर न्यायालय की अवमानना है। विवाद दो दिन पहले तब शुरू हुआ जब के कनिष्ठ कार्य प्रबंधक ने कथित तौर पर मैदान का ताला तोड़कर काम शुरू कराने की कोशिश की। बुधवार को जब सीएमडी उमेश सिंह, सीजीएम राजीव शर्मा और एडमिन अफसर सुरेश पति यादव भूमि पूजन के लिए पहुंचे, तो सैकड़ों की संख्या में खिलाड़ी और SAF कर्मचारी मैदान के गेट पर ढाल बनकर खड़े हो गए। हंगामे की सूचना पर पनकी एसीपी और अरमापुर थाना प्रभारी मनोज पांडेय भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े रहे कि जब तक कोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक जमीन पर एक ईंट भी नहीं लगने दी जाएगी।विरोध की तीव्रता को देखते हुए अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि न्यायालय का अंतिम निर्णय आने तक कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारी शांत हुए और अधिकारियों को बिना पूजन के ही प्रस्थान करना पड़ा। यूनियन नेता निर्भय शंकर सिंह, छविलाल यादव, विनोद तिवारी और अन्य पदाधिकारियों ने इसे 'संयुक्त मोर्चा' और खेल संस्कृति की बड़ी जीत बताया है।
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