सीएम युवा योजना में लक्ष्य से पीछे निजी बैंक, सीडीओ ने लगाई फटकार
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर नगर।विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन की अध्यक्षता में विभिन्न सरकारी योजनाओं में बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना में कुछ निजी बैंकों के बेहद कमजोर प्रदर्शन पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और एक्सिस बैंक को अंतिम चेतावनी दी। साथ ही संबंधित बैंकों के जिला समन्वयकों को नोटिस जारी करने के निर्देश अग्रणी जिला प्रबंधक को दिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, एग्रीजंक्शन योजना, माटीकला योजना, पीएमएफएमई योजना तथा मिनी नंदिनी योजना के अंतर्गत लंबित आवेदनों की बैंकवार और शाखावार समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर लंबित आवेदनों का गुण-दोष के आधार पर निस्तारण करते हुए स्वीकृति और वितरण सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। योजना के अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा ने 508, भारतीय स्टेट बैंक ने 421, इंडियन बैंक ने 310, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 289 तथा पंजाब नेशनल बैंक ने 279 आवेदन वितरित किए, जिन्हें संतोषजनक माना गया।
इसके विपरीत निजी क्षेत्र के कई बैंकों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। एक्सिस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने मात्र एक-एक आवेदन वितरित किया, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक और इंडसइंड बैंक ने पूरे वित्तीय वर्ष के 11 महीनों में एक भी पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ नहीं दिया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में सभी बैंकों की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है।
बैठक में बताया गया कि सीएम युवा योजना के अंतर्गत जनपद को 3000 आवेदन वितरण का लक्ष्य दिया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 2750 आवेदन वितरित किए जा चुके हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि मार्च माह के शेष दिनों में रणनीति बनाकर लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करें।
इसके अतिरिक्त बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत ऋण के लिए आने वाले पात्र आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाए। साथ ही सभी बैंकों को निर्देशित किया गया कि बैंकों में प्राप्त होने वाली साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों का विवरण तत्काल साइबर क्राइम विभाग को उपलब्ध कराया जाए, जिससे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।