ऑपरेशन महाकाल 2.0 के तहत 10 करोड़ों की ठगी करने वाले को किया गिरफ्तार
U-पैसा मांगने वालों पर पत्नी दर्ज कराती थी फर्जी मुकदमें
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। पुलिस ने कारोबारियों और व्यापारियों से ठगी करने वाले को गिरफ्तार कर लिया। आपरेशन महाकाल 2.0 के तहत आर्य नगर निवासी बिल्डर की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की तो मामला खुला।आरोपी ने उन्नाव के गंगा बैराज के पास टाउनशिप में मकान के सपने दिखाकर 12 से अधिक लोगों से करीब 10 करोड़ रुपए ठग लिए। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा है।डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी टाउनशिप में खूबसूरत आशियाने का ख्वाब दिखाकर करीब एक दर्जन पीड़ितों की रकम हड़पी थी। पैसा वापस मांगने पर आरोपी पत्नी से छेड़खानी का मुकदमा दर्ज करवाता था।
आर्य नगर निवासी बिल्डर तरुण गोयल ने बताया कि लाल बंगला निवासी प्रदीप गुप्ता से उसकी जान पहचान बड़े भाई ज्वैर्ल्स अनिल गोयल ने मुलाकात कराई थी। प्रदीप ने तरुण को बताया कि उन्नाव के पास ग्राम मजरा पीपरखेडा गैरएहतमाली में टाउनशिप बसाने की बात कही। प्रदीप ने तरुण को 400 वर्गगज जमीन के फर्जी दस्तावेज दिखाकर झांसे में फंसा लिया। जिसके बाद तरुण ने 2020 में 25 लाख और 2023 में 20 लाख रुपए देकर प्रदीप और उसके साथी सनवीर वर्मा से रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया था। इसके बाद एग्रीमेंट टू सेल के खिलाफ उन्नाव कोर्ट में वाद दाखिल कर कैंसिल करा दिया। तरुण जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। तरुण के मुताबिक 30 सितंबर 2024 को प्रदीप गुप्ता उनके घर पहुंचा। दिसंबर 2024 तक 45 लाख वापस करने का समझौता किया। इसके बाद भी चेक देकर स्टॉप पेमेंट लगा दिया। दबाव बनाने पर आरोपियों ने 5 लाख रंगदारी मांगी न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित ने मामले की शिकायत डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह से की। डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि मामले की जांच एसीपी कर्नलगंज अमित को सौंपी गई, जांच में सामने आया कि आरोपियों ने टाउनशिप में उचित दर में मकान का झांसा देकर कई लोगों से करोड़ों की ठगी की है। जमीन पर कब्जा मांगने पर आरोपी पीड़ितों के साथ मारपीट करता था, फिर पत्नी शुभा गुप्ता से उन पर फर्जी छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराता था। अब तक की जांच में आरोपियों से पीड़ित 9 लोगों की शिकायतें आई है, जिनके साथ करोड़ों की ठगी की बात सामने आई है। डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि पीड़ित रकम शिकायतें आई है, जिनके साथ करोड़ों की ठगी की बात सामने आई है। डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि पीड़ित रकम वापस मांगने पर आरोपी ने उन्हें चेकें दी, फिर स्टॉप पेमेंट लगा दिया था। लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के बाद प्रदीप गुप्ता डेढ़ साल पहले मकान बेंच कर श्याम नगर में रहने लगा था। पीड़ित आरोपी की खोजबीन करते हुए उसके श्याम नगर स्थित घर पहुंचे तो वहां भी आरोपियों ने मारपीट की। जांच में अब तक 9 लोग सामने आए है। तरुण की तहरीर पर एडवोकेट सनवीर वर्मा, प्रदीप गुप्ता व शुभा गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। तरुण को गिरफ्तार कर को जेल भेजा गया।