नशा मुक्ति पखवाड़े के अंतर्गत मानसिक रोग विभाग द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रम
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। उत्तर प्रदेश की महामहिम श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशन एवं प्रदेश में चलाए जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान एवं नशा मुक्ति पखवाड़े के अंतर्गत मानसिक रोग विभाग द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
नशा मुक्ति पखवाड़े अभियान के दौरान कॉलेज प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि युवा हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ, जागरूक एवं नशामुक्त युवा ही सशक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। उन्होंने सभी युवाओं का मनोबल बढ़ाते हए उन्हें सकारात्मक जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार एवं समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक जीवन पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने नशा रोकथाम हेतु जन-जागरूकता, शीघ्र पहचान, उपचार एवं पुनर्वास को आवश्यक बताते हुए युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। विभाग द्वारा जागरूकता पोस्टरों का निर्माण एवं प्रदर्शन किया गया, जिसमें जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत सुंदर एवं जागरूकतापरक पोस्टर तैयार किए। इन पोस्टरों के माध्यम से तंबाकू, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों की सरल भाषा में जानकारी दी गई। साथ ही नशे की लत के चेतावनी संकेत, बचाव के उपाय, उपचार की उपलब्ध सुविधाएँ तथा समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता लेने का संदेश भी आमजन तक पहुँचाया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में एम.बी.बी.एस. इंटर्न्स आस्था गुप्ता (प्रथम स्थान), अमिषा सिंह (द्वितीय स्थान) एवं आयुष्मा सिंह (तृतीय स्थान) ने पुरस्कार प्राप्त किए। इन विजेता प्रतिभागियों को 15 अगस्त 2026 को पुरस्कृत किया जाएगा। नशा मुक्ति विषय पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया गया, जिसमें नर्सिंग मेडिकल कॉलेज, कानपुर के छात्र-छात्राओं ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। यह नुक्कड़ नाटक मरीजों एवं उनके परिजनों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिससे जागरुकता उत्पन्न करने में सहायता मिली। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को नशा न करने तथा दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया गया। जागरूकता कार्यक्रम के अवसर पर सहायक आचार्य डॉ. आयुषी डी. सिंह, डॉ. कृतिका चावला तथा सीनियर रेजिडेंट डॉ. राधा, डॉ. शुभा, डॉ. क्षितिज, डॉ. विदुषी एवं डॉ. मनीषा तथा जूनियर रेजिडेंट डॉ. अभिषेक उपस्थित रहे। कॉलेज ऑफ नर्सिंग से डॉ. रेनू त्रिपाठी, ट्यूटर श्री शिवम वर्मा एवं श्री छैल देव भी उपस्थित रहे।