166वीं श्रीमद्भागवत कथा (शिवाला)तृतीय दिवस
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर नगर, महाराज प्रयाग नारायण शिवाला मन्दिर प्रांगण में श्री मद् भागवत कथा के तृतीय दिवस श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया। कथा व्यास आचार्य योगेश जी महाराज ने श्री मद् भागवत के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रोताओं को नित निरन्तर भक्ति, ज्ञान और सदाचार के मार्ग पर चलने का सन्देश दिया।
कथा में भगवान कपिल मुनि और देवहूति संवाद का विस्तार पूर्वक वर्णन करने के साथ अनेक प्रसंगों जैसे "विदुर मैत्रेय संवाद, सती चरित्र इत्यादि कथाओं का मार्मिक वर्णन किया। आचार्य जी ने सती चरित्र सुनाते हुए कहा कि मैया सती भगवान की शक्ति स्वरूपा होते हुए भी नारायण की माया से नहीं बच सकी। उन पर भी माया का प्रभाव पड़ा जिसके कारण भगवान शिव जैसे पति के कहने पर भी वो नहीं मानी और उन्होंने भगवन की परीक्षा ली। जिसका परिणाम यह हुआ कि सती को अपना प्राण यज्ञ में आहुत करना पड़ा।आचार्य योगेश जी ने बताया कि पारिवारिक मूल्यों का जो भी उल्लंघन करता है उसे अंत में कष्ट भोगना ही पड़ता है चाहे वो सती जैसी माँ भगवती ही क्यों न हो।कहा यदि बालक घर में अनुकूल आध्यात्मिक वातावरण को प्राप्त करता है तो बड़ा होकर वह महान बनता है और उसकी सेवाओं से समाज एवं राष्ट्र गौरवान्वित होता है। इस प्रकार अनेक प्रसंगों, गीतों, और हरि नाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस दौरान प्रमुख रूप से :- अमिताभ अवस्थी, अमित दुबे, गणेश शंकर पाण्डेय, संजय सिंह, डॉ. विकास मिश्रा, विनोद त्रिपाठी, मनोज तिवारी, विनोद कुमार दीक्षित, आयुष अग्रवाल उपस्थित रहे।