प्लास्टिक हटाओ- नशा मिटाओ,मां के नाम हरियाली लाओ.. ज्योति बाबा
*ज्योति बाबा की चेतावनी के बीच गुंजा नारा:नशा भगाओ देश बचाओ
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। हम सभी के संज्ञान में है कि जलवायु परिवर्तन गंभीर समस्या एवं ज्वलंत मुद्दा है समस्त ब्रह्मांड में अलग-अलग भू-भाग क्षेत्र में पर्यावरण की अनेकों अनेक समस्या है लेकिन भारतवर्ष में जल,अति सूक्ष्म प्लास्टिक कण, वायु, ध्वनि,ग्लोबल वार्मिंग, पृथ्वी के तापमान में वृद्धि आदि अनेकों प्रदूषण एवं परेशानियां है जिसे उबरने का सबसे सरल उपाय भू संसाधनों का सीमित उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एवं संवर्धन है।
उपरोक्त बात विश्व पर्यावरण दिवस पर सोसाइटी योग ज्योति इंडिया व सूर्योदय फाउंडेशन प्रयागराज के तत्वाधान में ज्योति बाबा का नशा मुक्ति परिवार आंदोलन थीम पर विकास नगर में आयोजित संगोष्ठी शीर्षक मां की ममता, धरती की सुरक्षा,एक पेड़ मां के नाम लगा दो पर अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख,एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी योग गुरू ज्योति बाबा ने कहीं,श्री ज्योति बाबा ने कहा कि यूएनईपी की रिपोर्ट 2024 के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष 34 लाख टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है जिसमें से केवल 60% ही रीसायकल हो पाता है वही डब्ल्यू एच ओ 2025 के अनुसार वायु प्रदूषण से भारत में हर साल 16.7 लाख लोगों की असमय मृत्यु हो रही है।सूर्योदय फाउंडेशन के धीरेंद्र राय ने कहा कि हर नागरिक को सिंगल यूज प्लास्टिक का परित्याग करना ही होगा वरना आने वाले समय में माइक्रो प्लास्ट के कारण ब्रेन स्ट्रोक व हार्ट अटैक की घटनाएं मलेरिया रोग की तरह फैल जाएगी।
समाजसेवी पियूष रंजन सनातनी ने कहा की आईसीएआर के अनुसार रासायनिक खाद से मिट्टी की उर्वरा शक्ति 32% घट गई है जबकि ऑर्गेनिक खाद से उत्पादन 22 प्रतिशत तक बढ़ता है और भूमि की सेहत सुधरती है।
संगोष्ठी में सर्वसम्मति से नशा व प्रदूषण मुक्त के लिए पांच संकल्प श्री ज्योति बाबा ने कराए। प्रथम -नशा मुक्ति परिवार, द्वितीय- प्लास्टिक मुक्त घर, तृतीय-हर परिवार एक पेड़,चतुर्थ-ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा,पंचम-युवाओं को खेल के मैदान से जोड़ना प्रमुख है।संगोष्ठी में जोरदार नारे भी लगाए गए।इस अवसर पर श्री ज्योति बाबा ने एक पेड़ मां के नाम भी लगाया। संगोष्ठी का संचालन डॉक्टर सुलोचना दीक्षित, संयोजन आकाश नारायण गुप्ता व धन्यवाद घनश्याम द्विवेदी ने दिया।