मानवता की सेवा के 11 वर्ष पूर्ण, राम रोटी ने परोसी 17.5 लाख निःशुल्क थालियां
- वर्ष 2025 में जे. के. कैंसर संस्थान रावतपुर में की थी शुरूआत
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। दूरदराज से आने वाले मरीजो के तीमारदारो की खिदमत में निःशुल्क भोजन कराने वाली संस्था ने केवल मानतवा की मिसाल पेश की बल्कि इन 11 सालो में कई भूखो को खाना खिला कर संस्था ने एक विशाल कीर्तिमान स्थापित किया है। जी हां हम बात कर रहे है समन्वय सेवा समिति ट्रस्ट कि जो लगातार 11 वर्षो से निःशुल्क भोजन सेवा प्रदान कर रही है।
जे. के. कैंसर संस्थान रावतपुर में वर्ष 2015 से संचालित “राम रोटी” इस अप्रैल 2026 में अपनी यात्रा के ग्यारह साल पूरे कर अपनी ’’ग्यारहवीं वर्षगांठ’ मना रही है। समिति के महामंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता (निदेशक गोल्डी मसाले) ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में भूखे को भोजन कराने से पवित्र और कोई कार्य नहीं है। हम किसी को भोजन करा कर उस पर कृपा नहीं कर रहे, बल्कि जगत में व्याप्त भगवान जगन्नाथ की सेवा कर प्रसन्नता का अनुभव करते हैं। उन्होंने अपने हाथों से मरीजों और तीमारदारों को भोजन वितरित किया। समिति के सह संयोजक मनोज सेंगर ने बताया कि स्व. सन्तोष अग्रवाल एडवोकेट के अथक प्रयासों से वर्ष 2015 में अक्षय तृतीया के दिन ही इस भोजनालय का प्रारम्भ भारत माता मन्दिर हरिद्वार के संस्थापक बृह्मलीन पू.स्वामी सत्य मित्रा नन्द गिरिजी महाराज के हाथो हुआ था। कैंसर मरीजो की परेशानी को समझ कर स्वामी जी ने ही यह प्रेरणा प्रदान की थी, अब स्व. सन्तोष अग्रवाल के पुत्र मनोज अग्रवाल एवं मनीष अग्रवाल समिति के सहयोग से सम्पूर्ण व्यवस्था की देखरेख कर रहे है। भोजन में दाल, चावल, रोटी, सब्जी, मिष्ठान्न और फल के अतिरिक्त दूध, मट्ठा, सत्तू, दलिया दोनों समय निःशुल्क दिया जाता है। संस्था द्वारा दिए गए भोजन को मरीजो के तीमारदार भी करते हैं, औसत चार सौ लोग प्रतिदिन होते हैं। समिति के पदाधिकारी प्रह्लाददास गुप्ता ने बताया कि राम रोटी अब तक साढ़े सत्रह लाख लोगो तक भोजन थालियां निशुल्क वितरित कर चुके हैं। इस मौके पर प्रमुख रूप से राधेश्याम शर्मा ,हरी किशन चोखानी, राजेंद्र गुप्ता, माधवी सेंगर, सरोज गुप्ता, शशि गुप्ता, सत्यनारायण नेवटिया, पं. शेषनारायण त्रिवेदी, सी एल कानोड़िया, कमल गुप्ता, पं. विजय पाण्डेय, अवध बिहारी मिश्र व जग महेंद्र अग्रवाल उपस्थित रहे।