डिलीवरी का मैसेज आ रहा पर सिलेंडर नही
- एजेंसियों पर 4000 की वेटिंग, केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। अमेरिका-इस्त्राइल और ईरान के बीच युद्ध के चलते सिलिंडर के लिए शहर में युद्ध छिड़ गया है। गैस वितरण व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। उपभोक्ताओं को बिना डिलीवरी के मैसेज भेजे जा रहे हैं और एजेंसियों पर तीन-चार हजार की वेटिंग चल रही है। जिला पूर्ति अधिकारी ने गड़बड़ी करने वाली एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सभी एजेंसी वालों ने नयी तरकीब निकाली ली है। होम डिलीवरी को पूरी तरह से पिछले दो हफ्तों से बंद कर रखा है। बुकिंग की प्रक्रिया के तहत डीएससी नम्बर का मैसेज तो आ रहा है, एजैंसीं में डीएससी नम्बर दिखानें के बाद बाउचर काटने के लिए पहले लाइन लगायें उसमें भी पिछले दस दिनों की वेटिंग का इंतजार करो। जिसमें हजारों के नम्बर के बाद नम्बर आया तो गोदाम से सिलेंडर मिलैगा। वहां पर लाइन में लग कर जब तक गाड़ी है तो ठीक नहीं तो अगले दिन दोबारा लाइन लगाओ। गैस एजेंसियों ने नया खेल शुरू किया है। उपभोक्ताओं के पास डिलीवरी के मैसेज जा रहे हैं पर सिलिंडर घर नहीं पहुंच रहा। लोग एजेंसी जा रहे पर वहां भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। यह हाल तब है जब हाल ही में एक एजेंसी में ऐसा खेल मिलने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई थी। हालांकि अभी तक निलंबन नहीं हो सका है। शहर में रसोई गैस का संकट अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भारी पड़ने लगा है। हालात ऐसे हैं कि डिलीवरी का मैसेज आने के बाद लोगों की एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और कमरे के अंदर से जवाब आता है कि अभी इंतजार करिए। इंडेन गैस एजेंसियों के हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। शहर की 50 एजेंसियों में हर एक को सिर्फ 300 सिलिंडर की सप्लाई हो रही है और लाइन में रोजाना तीन हजार से ज्यादा उपभोक्ता खड़े हो रहे हैं। कई-कई दिनों तक लाइन में लगकर घंटों इंतजार करने के बाद भी अधिकतर लोग खाली हाथ लौट रहे हैं।
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बिचौलियों पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति
डिलीवरी मैसेज के आने का तो सीधा मतलब है कि सिलेंडर आप तक पहुंच गया, सूत्रों के अनुसार बात पता लगी कि वह सिलेंडर किसी को ऊंचे दाम पर पहुंच चुका है। अब उपभोक्ता फिर 25 दिनों का इंतजार करें कि उसका जब अगला नंबर आयेगा तो वह फिर बुकिंग कर सकेगा। तब तक वह भूखे रह कर दिन पार करें। सरकारों तो कह रही हे, सब ठीक है पर बिचौलियों पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है।