जूता पाॅलिस कामगारों को सफाई कर्मचारी में सामिल करने की मांग।
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | (मुम्बई) विधायक प्रशांत बंसीलाल बंब राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री पत्र लिखकर अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े उन लाखों जूता पॉलिश कामगारों की ओर आकृष्ट कराना चाहता हूँ, जो वर्षों से देशभर में रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपनी आजीविका अर्जित करते हुए समाज की सेवा कर रहे हैं महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों में जूता पॉलिश का कार्य करने वाले अधिकांश कामगार अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं। यह कार्य केवल आजीविका का साधन ही नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं नागरिक सुविधा से भी प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद इन कामगारों को आज तक "सफाई कर्मचारी" अथवा स्वच्छता संबंधी कार्यबल की श्रेणी में समुचित संस्थागत एवं प्रशासनिक मान्यता प्राप्त नहीं हो सकी है।इस स्थिति के कारण ये कामगार तथा उनके परिवार सरकार द्वारा संचालित अनेक सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। विशेष रूप से स्वास्थ्य बीमा, छात्रवृत्ति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार सहायता, आवास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पुनर्वास तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ इन तक प्रभावी रूप से नहीं पहुँच पाता। जूता पॉलिश कार्य में संलग्न अनुसूचित जाति वर्ग के कामगारों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। पत्र में उन्होंने आग्रह है कि जूता पॉलिश कार्य में संलग्न कामगारों को "सफाई कर्मचारी" की श्रेणी मान्यता प्रदान की जाए। इनका राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकरण कर सामाजिक सुरक्षा का दायरा विस्तारित किया जाए। इनके एवं इनके आश्रितों को स्वास्थ्य बीमा, छात्रवृत्ति, कौशल विकास, आवास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, स्वरोजगार एवं अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक नीति बनाई जाए।भारत सरकार अनुसूचित जाति समुदाय के इस उपेक्षित एवं श्रमजीवी वर्ग के सामाजिक न्याय, सम्मान एवं समग्र कल्याण के उद्देश्य से इस विषय पर सकारात्मक एवं संवेदनशील निर्णय लेगी। विधायक प्रशांत बंसीलाल बंब ने कहा की ऑल इंडिया रेलवे शु-शाईन वर्क्स युनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राम और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वासुकीनाथ साह और राष्ट्रीय सचिव विनोद निकाळजे हमेशा जूता पाॅलिस करने वाले कामगारों को उनका हक और अधिकार दिलाने और उन्हें सभी को सफाई कर्मचारी में सामिल कराने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं।
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