मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद को दी 569 करोड़ की सौगात
विस्थापित बंगाली परिवारों को मिली नागरिकता और जमीन
पीलीभीत में विकास और विरासत का डबल डोज, 569 करोड़ की परियोजनाओं के साथ विस्थापित परिवारों को मिला स्थायी सम्मान
जिला संवाददाता बुद्धसेन कश्यप
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस पीलीभीत।जनपद पीलीभीत के बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत पतरासा कुंवरपुर में मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज 569 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने 55-56 वर्षों से विस्थापित बंगाली हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध परिवारों को जमीन के पट्टे और भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपे। मा0 मुख्यमंत्री जी ने पुष्पा देवी पत्नी स्व0 विचित्र पाल सिंह, होमगार्ड को मृतक आश्रित के अन्तर्गत बीमा राशि रू. 38 लाख का चेक, सोनी देवी को कस्टम हायरिंग सेंटर (अनुदान धनराशि रू. 24 लाख) व कमलेश गंगवार को नन्दनी कृषक समृद्धि योजना के तहत (अनुदान धनराशि रू. 31.25 लाख चेक, जनपद के स्वयं सहायता समूहों को रिवोल्विंग फण्ड एवं सीआईएफ की कुल 10 करोड 12 लाख 50 हजार धनराशि का चेक प्रदान किया गया। अंशिका देवी को उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मीनू को कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित किया एवं प्रीति देवी को प्रधानमंत्री आवास व अरविन्द को मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत चाबी सौंपी।
मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पीलीभीत प्राकृतिक सौंदर्य, विश्व प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व, जैव विविधता और कृष्ण की बांसुरी की पहचान वाली पवित्र भूमि है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद सहित सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार ने विकास के साथ विरासत को भी संरक्षण देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को आज नागरिकता और जमीन के अधिकार मिले हैं, उन्होंने पिछले 55 वर्षों में राजस्व, वन और प्रशासनिक तंत्र की अनेक परेशानियां झेली हैं। अब उनकी आने वाली पीढ़ियां सम्मान और सुरक्षा के साथ अपना भविष्य संवार सकेंगी। उन्होंने कहा कि अब दुनिया की कोई ताकत इन परिवारों को यहां से नहीं हटा सकती। उन्होंने जनपद के उन 2500 परिवारों को बधाई दी, जो बांग्लादेश से लगभग 55-56 साल पहले प्रताड़ना सहकर आए थे। प्रधानमंत्री मोदी जी के विजन के तहत आज उन्हें पुनर्वास और नागरिकता का अधिकार मिल रहा है। प्रदेश में ऐसे 55 हजार से अधिक विस्थापित परिवार हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से नागरिकता और भूमि अधिकार दिए जा रहे हैं। वन विभाग और भारत सरकार से औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद शेष परिवारों को भी यह लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि 2017 के बाद भूमाफियाओं को साफ संदेश दिया गया कि सरकारी और गौशाला की जमीन छोड़ दें, नहीं तो परिणाम भुगतना पड़ेगा। आज वही माफिया कानून के सामने हाथ जोड़कर खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के माध्यम से ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। वहीं गंगा एक्सप्रेसवे, आर्थिक कॉरिडोर और बेहतर सड़क नेटवर्क प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति दे रहे हैं। पीलीभीत से शामली और गोरखपुर तक बनने वाला इकोनॉमिक कॉरिडोर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार पीलीभीत के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने मंच से जनप्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि वे जो भी जनहित के प्रस्ताव भेजेंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाएगी। साथ ही जनता से अपील की कि वह विकास की इस यात्रा में सरकार का सहयोग बनाए रखे।
इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, जनपद के प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष दलजीत कौर, विधायक बीसलपुर विवेक वर्मा, विधायक बरखेड़ा स्वामी प्रवक्तानंद, विधायक पूरनपुर बाबूराम पासवान, विधान परिषद सदस्य सुधीर गुप्ता, जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव नगर पालिका अध्यक्ष डाॅ0 आस्था अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष पूरनपुर शैलेंद्र गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, पूर्व विधायक किशनलाल राजपूत समेत भाजपा के कई जनप्रतिनिधि ब्लॉक प्रमुख जिलाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।