पूर्व केंद्रीय मंत्री ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर विपक्ष को घेरा- बंगाल टीएमसी के टेरर, मंडर और कटमनी के गुंडा राज से मुक्त हुआ: अनुराग
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। लखनऊ के रास्ते मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद अनुराग ठाकुर शहर पहुंचे। शहर में कई कार्यक्रमों में शिरकत करने के साथ उत्तर जिला कार्यालय में परिचय सम्मेलन हुआ। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पश्चिम बंगाल जीत पर चर्चा की।आगमन में सबसे पहले दोपहर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के आवास पहुंचे। परमट मंदिर में गंगाघाट पर में स्वच्छता अभियान चलाया। उन्होंने घाट पर फैले कूड़ा और पन्नियां घाट से उठकर डस्टबिन में डाला। मोदी सरकार के 12 साल के दौरान हुए कार्यों की एक पुस्तिका महाकाल महाराज को दी। मंहत को पटका पहना कर स्वागत सम्मान किया। मंहत ने रुद्राक्ष की माला पहना कर अनुराग ठाकुर को आशीर्वाद दिया। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में बोलते हुए उन्होंने विपक्ष पर राजनैतिक रोटियां सेकने का आरोप लगाया और कहा कि जिन्होंने सदा रामभक्तों पर अत्याचार किया, रामभूमि आंदोलन पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया। वो कभी राम मंदिर के पक्ष में नहीं थे, आज आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने सरकार को चिट्ठी लिखी कर निवेदन किया, कि एसआईटी का गठन किया जाए। इससे कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। ये ट्रस्ट का मामला है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट को आने दीजिए। वही, पश्चिम बंगाल में मिली जीत और उसके बाद टीएमसी के बागी सांसदों के समर्थन के सवाल पर कहा, बंगाल की जनता ने भाजपा को प्रचंड बहुत इस बात के लिए दिया है कि बंगाल को डबल इंजन की सरकार डबल विकास करे। टीएमसी का मतलब टी से टैरर, एम से मंडर और सी से कट मनी से गुंडा राज से मुक्ति दिलाए। मुझे खुशी इस बात की है कि टीएमसी के 20 सांसदों ने बंगाल के हित में और बंगाल की जनता के हित में निर्णय लिया है। वो चाहते हैं कि केंद्र सरकार को पूर्ण आशीर्वाद राज्य को मिले और उनके क्षेत्रों में भी विकास हो। अभिषेक बनर्जी ने आतंक और तांडव मचाकर रखा था। बंगाल की छवि ये हो गई थी कि जहां टीएमसी का झंडा वहां टीएमसी गुंडा राज से अब कानून के राज की दिशा में काम बढ़ेगा। जो घुसपैठिए हैं, अत्याचारी और भ्रष्टचारी हैं, उनके खिलाफ लगातार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर सांसद रमेश अवस्थी, विधायक सुरेंद्र मैदानी, नीलिमा कटियार, उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।