शिलापट्ट को लेकर परमट में सियासी संग्राम, सपा-भाजपा कार्यकर्ताओं में भिड़ंत
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। परमट स्थित प्राथमिक विद्यालय क्षेत्र बुधवार को सियासी उठापटक और भारी बवाल का केंद्र बन गया। विद्यालय के सुंदरीकरण और निर्माण कार्य के शिलापट्ट पर नाम अंकित कराने और श्रेय लेने की होड़ में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते स्कूल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। पूरे मामले की जांच एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार विद्यालय में आर्यनगर विधानसभा से सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी की विधायक निधि से तीन कमरों का निर्माण प्रस्तावित है। वहीं सांसद रमेश अवस्थी की सांसद निधि से एक स्मार्ट क्लास रूम और बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाना है। बताया जा रहा है कि सपा विधायक की ओर से 15 मई को भूमिपूजन की घोषणा की गई थी। इसी बीच सांसद पक्ष की ओर से इंटरनेट मीडिया पर 14 मई को स्मार्ट क्लास के भूमिपूजन का संदेश प्रसारित कर दिया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं में तनातनी शुरू हो गई। बुधवार को विद्यालय में निर्माण कार्य का शिलापट्ट लगाए जाने की तैयारी थी, जिसे लेकर दोनों दलों के बीच श्रेय लेने की होड़ तेज हो गई। सपा कार्यकर्ताओं का दावा था कि निर्माण कार्य विधायक निधि से कराया जा रहा है, इसलिए शिलापट्ट पर विधायक का नाम होना चाहिए। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे सरकार की योजनाओं और जनभागीदारी से जुड़ा कार्य बताते हुए विरोध जताया। विवाद धीरे-धीरे उग्र हो गया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। जमकर नारेबाजी, आरोप-प्रत्यारोप और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हंगामे की सूचना मिलते ही विधायक अमिताभ बाजपेई मौके पर पहुंच गए और विरोध स्वरूप विद्यालय के पास धरने पर बैठ गए। विधायक के पहुंचने के बाद भाजपा समर्थकों की संख्या भी बढ़ गई, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। पुलिस की मौजूदगी में ही हालात तब बिगड़ गए जब दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस विधायक अमिताभ बाजपेई को अपने साथ डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव के कार्यालय ले गई। इसकी जानकारी मिलते ही सपा विधायक नसीम सोलंकी, पूर्व विधायक इरफान सोलंकी और छावनी विधायक मुहम्मद हसन रूमी भी समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। काफी देर तक चले हंगामे और नारेबाजी के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाया। एहतियातन विद्यालय परिसर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।