यूडीआईडी कार्ड बनाने में कानपुर नगर प्रदेश में अव्वल, विशेष शिविरों से बढ़ी रफ्तार
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर।जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विनय उत्तम ने अवगत कराया कि हाल ही में जारी यूडीआईडी (स्वावलंबन) कार्ड स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार जनपद कानपुर नगर एक बार फिर पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार 28 अप्रैल 2026 तक जनपद में कुल 48,245 दिव्यांगजनों के विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) बनाकर निर्गत किए जा चुके हैं, जो प्रदेश के सभी जनपदों में सर्वाधिक है। इस प्रकार कानपुर नगर यूडीआईडी कार्ड निर्गत करने में प्रदेश में अव्वल जनपद बना हुआ है।
जनपदों की रैंकिंग में शाहजहांपुर 46,776 कार्ड के साथ दूसरे तथा हरदोई 43,411 कार्ड के साथ तीसरे स्थान पर है। वहीं प्रदेश में कुल 16,94,099 दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड निर्गत किए जा चुके हैं। महोबा में सबसे कम 7,283 तथा हापुड़ में 8,501 कार्ड निर्गत हुए हैं। अन्य प्रमुख जनपदों में लखनऊ में 24,042, प्रयागराज में 35,668, वाराणसी में 29,311, गोरखपुर में 35,573, गाजियाबाद में 19,139, मेरठ में 22,177 तथा आगरा में 34,816 यूडीआईडी कार्ड जारी किए गए हैं।
बताया गया कि जुलाई 2025 की रैंकिंग में कानपुर नगर ने शाहजहांपुर को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया था, जिसके बाद से जनपद लगातार अपनी बढ़त बनाए हुए है। 18 जनवरी 2025 से 28 अप्रैल 2026 के बीच जनपद में 8,266 यूडीआईडी कार्ड बनाए गए, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में जनपद में प्रति वर्ष केवल 800 से 1000 कार्ड ही बन पाते थे, लेकिन संपूर्ण समाधान दिवस में आयोजित विशेष शिविरों के माध्यम से इस कार्य में तेजी आई है। यूडीआईडी कार्ड बनवाने के लिए स्वावलंबन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है तथा प्रत्येक सोमवार को कांशीराम अस्पताल, रामादेवी और प्रत्येक बृहस्पतिवार को उर्सला अस्पताल, परेड में दिव्यांग बोर्ड द्वारा परीक्षण के उपरांत कार्ड निर्गत किए जाते हैं।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की पहल पर 18 जनवरी 2025 से प्रत्येक संपूर्ण समाधान दिवस में तहसील परिसर में दिव्यांगजनों हेतु विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर एक ही स्थान पर दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। शिविरों में ऑनलाइन आवेदन से लेकर चिकित्सकीय परीक्षण और प्रमाण पत्र वितरण तक की प्रक्रिया मौके पर ही पूरी की जा रही है।
इस व्यवस्था से जहां पहले दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबी प्रक्रिया और विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब उन्हें निःशुल्क आवेदन, बैठने, पेयजल, व्हीलचेयर आदि सुविधाओं के साथ कम समय में प्रमाण पत्र उपलब्ध हो रहा है।
इन विशेष शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजन आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बैंक खाता, एनपीसीआई मैपिंग, आधार संशोधन, दिव्यांग पेंशन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण, स्वरोजगार ऋण तथा विवाह प्रोत्साहन जैसी योजनाओं से भी लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन नवाचारों के चलते न केवल जनपद यूडीआईडी कार्ड निर्गत करने में प्रदेश में अग्रणी बना है, बल्कि दिव्यांगजनों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को भी नई दिशा मिली है।