समाजशास्त्र विभाग के बीच ऐतिहासिक एमओयू हस्ताक्षरित - एसडीजी लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | शहर में एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय के अधिकारों, शिक्षा, शोध और समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कानपुर क्वीयर वेलफेयर फाउंडेशन और डीबीएस कॉलेज, कानपुर के समाजशास्त्र विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, डीबीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल मिश्रा तथा कानपुर क्वीयर वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक/निदेशक Mx. अनुज पांडेय उपस्थित रहे और औपचारिक रूप से एमओयू पर हस्ताक्षर किए।इस महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत प्राचार्य डॉ. अनिल मिश्रा ने एलजीबीटी क्यूआईए+ विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रवेश प्रदान करने की सकारात्मक घोषणा की, जो उच्च शिक्षा में समावेशिता की दिशा में एक सराहनीय कदम है। साथ ही समाजशास्त्र विभाग के शोधार्थी (पीएचडी स्टूडेंट) ट्रांसजेंडर एवं क्वीयर समुदाय से संबंधित इंटरवेंशन आधारित शोध कार्य, सर्वेक्षण तथा ट्रांसजेंडर विषय पर साहित्य निर्माण करेंगे, जिससे अकादमिक स्तर पर समुदाय की समझ और सशक्त होगी।
कॉलेज परिसर में शीघ्र ही एक ट्रांसजेंडर सेल स्थापित किया जाएगा तथा कॉलेज की लाइब्रेरी में ट्रांसजेंडर विषय से संबंधित साहित्य उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अध्ययन में सहयोग मिलेगा।
कानपुर क्वीयर वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक/निदेशक एमएक्स. अनुज पांडेय ने बताया कि इस सहयोग के अंतर्गत विद्यार्थियों को संस्था की ओर से इंटर्नशिप के अवसर, मानसिक स्वास्थ्य सहयोग, करियर काउंसलिंग तथा सामुदायिक प्रोजेक्ट्स में सहभागिता जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है, विशेष रूप से एसडीजी 3 अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण, एसडीजी 4 गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, एसडीजी 5 लैंगिक समानता, एसडीजी 10 असमानताओं में कमी तथा एसडीजी 16 शांति, न्याय और सशक्त संस्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह साझेदारी शिक्षा संस्थानों और समुदाय के बीच सहयोग का एक सशक्त उदाहरण है, जो भविष्य में ट्रांसजेंडर एवं क्वीयर समुदाय के सामाजिक, शैक्षणिक और शोध आधारित सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।