जच्चा बच्चा अस्पताल में महिला वेलनेस क्लिनिक की हुई स्थापना
- गर्भवती महिलाओ की मानसिक स्थिति को समझने और उनका किया जायेगा निदान
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। अब गर्भवती महिलाओ की मानसिक स्थिति को जानने और उसका समाधान करने के लिए जीएसवीएम मेडिकल कालेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में महिला वेलनेस क्लिनिक की स्थापना की गई। जिसका शुभारम्भ (प्राचार्य एवं डीन) प्रो. डॉ संजय काला द्वारा किया गया। इस क्लिनिक का उद्देश्य महिलाओं को जीवन के प्रत्येक चरण में समग्र (होलिस्टिक) स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है। यह क्लिनिक केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी समान रूप से ध्यान देना है।
महिला वेलनेस क्लिनिक पर डॉ संजय काला ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों तथा मनोचिकित्सा विशेषज्ञों के समन्वित प्रयास से यह क्लिनिक महिलाओं को व्यक्तिगत देखभाल, तनाव प्रबंधन, स्वास्थ्य परामर्श एवं निरंतर सहयोग प्रदान करेगा। वहीं इसी क्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग की विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं एवं उनकी अनदेखी को देखते हुए विभाग में इस क्लिनिक की स्थापना विभागाध्यक्ष मानसिक रोग विभाग डॉ धनंजय के सहायता से की गई है। उन्होंने बताया कि भारत में गर्भावस्था एवं प्रसवोत्तर अवधि के दौरान मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ एक महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य विषय के रूप में उभर रही हैं। विभिन्न भारतीय अध्ययनों के अनुसार, लगभग 50-80 फीसदी महिलाओं में पोस्ट पार्टम ब्लूज़, 10-20 फीसदी में पोस्ट पार्टम डिप्रेशन तथा लगभग 1 से 2 प्रति 1000 प्रसव में पोस्ट पार्टम साइकोसिस देखा जाता है। इसके अतिरिक्त, कई महिलाओं में ये समस्याएँ समय पर पहचान न होने के कारण उपचार से वंचित रह जाती हैं। यहाँ गर्भावस्था, प्रसवोत्तर अवधि तथा स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के साथ-साथ पोस्ट पार्टम ब्लूज़, अवसाद (डिप्रेशन) एवं चिंता जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान, परामर्श एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य में सुधार लाने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य डॉ. ऋचा गिरी , मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग से डॉ नीना गुप्ता , डॉ शैली अग्रवाल, डॉ सीमा द्विवेदी , डॉ बंदना तथा सभी संकाय सदस्य एवं स्टाफ मौजूद रहा।