हैलट अस्पताल में गंभीर बीमारियों की जांच के लिए शुरू होने जा रही है नई जांचे
- जांच के मिलेंगे सटीक परिणाम, इलाज करने में होगी आसानी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कालेज में अब कई नई जांचो की शुरूआत होने जा रही है। इन जांचो से अब गरीब मरीजो को बाहर महंगी जांच कराने से राहत मिलेगी जिससे उन्हें काफी लाभ मिलेगा। जो गंभीर बीमारियों की जांच बाहर काफी महंगे दामो पर होती है वहीं जांचे अब जीएसवीएम मेडिकल कालेज से सम्बंद्ध लाला लाजपतराय चिकित्सालय ( हैलट) में सस्ती दरो पर की जायेगी। इन जांचो से मरीज की कैंसर और डायबटीज जैसी गंभीर बीमारी का सटीक पता चल सकेगा और इलाज करने में डाक्टरो को काफी आसानी हो जायेगी।
जीएसवीएम मेडिकल कालेज की पैथालॉजी विभागाध्यक्ष डॉ लुबना खान ने बताया कि कैंसर मार्कर एक ऐसी जांच है जो कुछ कैंसर होने की वजह से ब्लड में भी कुछ केमिकल्स पड जाते है। तो ऐसे में हम इसकी जांच कर कैसंर का पता कर सकते है। इसके सीए125 और सीए 19.9 गॉल ब्लाडर के कैंसर , जीआईटी यानी कि आंतो के कैंसर का पता चल सकेगा। गायनी के हारमोंस बहुत सारे इनफर्टीलिटी के या जिनमें हारमोंस की गड़बड हो गई है यह उनकी जांचो के लिए है। इसका मेजर रोल इनफर्टीलिटी (गर्भधारण न कर पाना ) में जांच की जाती है कि कहीं हारमोनल तो नही बिगड गया जिससे महिला गर्भ धारण नही कर पा रही है। उन्होंने इंसुलीन (डायबटीज) की जांच के बारे में बताते हुए कहा कि यह मुख्यतः दो कारणो से होती पहला कारण इंसुलीन का लेबल कम है और दूसरा कारण इंसुलीन तो ठीक है लेकिन उसके टिशू पर एक्ट नही कर रहे है और वह अनियंत्रित हो गए है। इस जांच से कारण भी पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि जो जांचे हैलट अस्पताल में होगी वह सस्ती और सटीक की जायेगी जबकि यही सब जांचे बाहर निजी पैथालॉजी में महंगी होगी।
- इन जांचो की होगी शुरूआत
जीएसवीएम मेडिकल कालेज की पैथालॉजी विभागाध्यक्ष डॉ लुबना खान ने बताया ने बताया कि बहुत जल्द ही सीए 125, एलएच, एफएसएच, प्रोलैक्टिन, बीटा एचसीजी, सीईए, इंसुलीन, लाइपसे, फेरीटीन (इंफेक्शन की जांच) , आयरन, पीएसए (प्रोस्टेड की जांच), सीए 19.9 (कैंसर मार्कर) की जांचे शुरू होंगी जिसका लाभ हर वर्ग के मरीजो को मिलेगा खास कर गरीब मरीजो को ज्यादा फायदा मिलेगा।