यूपीयूएमएस सर्जरी विभाग द्वारा आवश्यक शल्य चिकित्सा कौशल पर प्रथम व्यावहारिक कार्यशाला का सफल आयोजन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस) के सर्जरी विभाग द्वारा यह आयोजन माननीय कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह के निर्देशन में शल्य चिकित्सा कौशल एवं टांके लगाने की तकनीकों पर पहली एक दिवसीय व्यावहारिक कार्यशाला का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ प्रो-वाइस चांसलर प्रो. डॉ. रमाकांत यादव ने किया, इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला हमारे छात्रों को बेहतर शल्य चिकित्सा के कौशल सीखने के लिए आवश्यक है जिससे कि वह बेहतर सर्जरी कौशल सीख पाएं जिससे चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ किया जा सके।
आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. एस.पी. सिंह ने बताया कि यह ऐतिहासिक अवसर विभाग की समर्पित कौशल प्रयोगशाला के माध्यम से पूर्णतः स्वदेशी संसाधनों के बल पर आयोजित की गई पहली कार्यशाला है, जिसे बिना किसी बाहरी सहयोग के सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
आयोजन सचिव डॉ. राम लखन सिंह वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नवोदित सर्जनों को टांके लगाने जैसी मूलभूत लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण शल्य कौशल में दक्ष बनाना है, जो प्रत्येक सर्जन के लिए बुनियादी आवश्यकता है।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों के साथ-साथ यूपीयूएमएस एवं अन्य संस्थानों के रेजिडेंट डॉक्टर, इंटर्न तथा स्नातक छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से शल्य चिकित्सा की आधारभूत तकनीकों से परिचित कराया गया।
सर्जरी विभाग ने भविष्य में भी इस प्रकार की कौशल उन्नयन पहल निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया है।
कार्यक्रम में डीन मेडिकल डॉ. आदेश कुमार तथा कुलसचिव श्री दीपक वर्मा व सर्जरी विभाग के संकाय सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।