खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित, उद्यमियों ने रखीं समस्याएं
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा बृजेन्द्र स्वरूप पार्क लॉन नंबर दो में आयोजित मंडलीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी के अंतर्गत क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, खादी ग्रामोद्योग आयोग, जिला उद्योग केंद्र, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि, पुराने एवं नवोदित उद्यमी, लीड बैंक के अधिकारी तथा खादी ग्रामोद्योग महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सम्मेलन में खादी एवं ग्रामोद्योग इकाइयों से जुड़े उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। अनुभवी उद्यमियों ने बताया कि बैंक ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी और औपचारिकताओं के कारण उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे वे हताश होकर अपने प्रयास बीच में ही छोड़ देते हैं। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना एवं मुख्यमंत्री रोजगार योजना के अंतर्गत बिना गारंटी ऋण दिए जाने के स्पष्ट निर्देश हैं। इकाई चयन समिति, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी कानपुर नगर करते हैं, द्वारा चयनित होने के बाद भी बैंकों द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। कई मामलों में उद्यमियों द्वारा गारंटी प्रस्तुत करने के बावजूद ऋण स्वीकृत नहीं किया जाता, जबकि सरकार की मंशा इन योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन करना है। खादी ग्रामोद्योग का मूल उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
चेयरमैन, उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग महासंघ सुरेश गुप्ता ने इकाइयों के समक्ष आ रही समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि पूर्व की भांति केंद्र सरकार से खादी पर रिबेट की व्यवस्था पुनः लागू की जानी चाहिए, जिससे खादी उत्पाद अधिक लोकप्रिय बन सकें। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य उद्यमियों के बीच तकनीक का आदान-प्रदान तथा उत्पादों की जानकारी साझा करना भी है, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाई जा सके।
कोऑर्डिनेटर अभय त्रिपाठी ने बताया कि खादी ग्रामोद्योग से संबंधित एक नई योजना शीघ्र लागू की जाएगी। इसके लिए एक वृहद सम्मेलन आयोजित कर मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि उद्यमियों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अशोक शर्मा ने जानकारी दी कि बोर्ड द्वारा इस वर्ष 105 नई इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिनके माध्यम से 407 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उद्यमियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को मुख्यालय भेजकर समाधान की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य प्रबंधक, उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक, कानपुर राजेश कुमार गिरी ने कहा कि बैंक प्रत्येक पात्र उद्यमी को ऋण प्रदान करना चाहती है, किन्तु आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में कई आवेदन लंबित रह जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन आवेदकों के दस्तावेज पूर्ण होते हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर ऋण स्वीकृत कर दिया जाता है। खराब सिविल स्कोर वाले आवेदकों को नियमानुसार ऋण प्रदान नहीं किया जा सकता।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयरमैन, उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग महासंघ सुरेश गुप्ता ने की तथा संचालन के.के. पांडे ने किया। इस अवसर पर मनोज शुक्ला, मनोज पाठक, राजीव द्विवेदी, वरुण जौहरी, हरेंद्र निषाद, राजेश कुमार, विवेक त्रिवेदी, अनीता पाल, सीमा सागर, मोहम्मद नायाब, दीपु गुप्ता, सैफ अली, शालिनी गुप्ता, विपिन कुमार प्रजापति, मोहम्मद वैश, मनोज दीक्षित सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।