शोध पर चर्चा करने के लिए विदेशी डेलिगेशन पहुंचा मेडिकल कालेज
- ललितपुर में 400 एकड़ में बनेगा ड्रग एवं मेडिकल डिवाइस पार्क
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। अब ड्रग्स और मेडिकल डिवाईस के शोध को बढ़ावा देने के लिए पहला कदम बढ़ाया गया है। शुक्रवार को जीएसवीएम मेडिकल कालेज के सुपर स्पेशलिटी (पीएमएसएसवाई) में फार्मेसी विभाग द्वारा एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता में बताया गया कि फॉरेन यूनीवर्सिटी के साथ मिल कर ड्रग्स और मेडिकल डिवाइस पर शोध करेंगे। इस शोध के अर्न्तगत छात्र-छात्राआंे और फैक्ल्टी को एक्सचेंज कर शोध के नये अनुभव प्राप्त किये जायेंगे।जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. डॉ संजय काला एवं फार्मेसी विभागाध्यक्ष डॉ अजय कुमार शर्मा ने प्रेसवार्ता केे दौरान बताया कि 10 विदेशी डेलीगेशन ड्रग्स एवं मेडिकल डिवाइस पर चर्चा करने आए हुए ह। इसके लिए उन्होंने सुपर स्पेशलिटी के विभागो का निरीक्षण किया और अपनी संतृष्टि जाहिर की। प्राचार्य डॉ संजय काला ने बताया कि वर्ष 1962 के बाद पहली जीएसवीएम मेडिकल कालेज में 13 फरवरी , 2026 को एक अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर एक संगोष्ठी का आयोजन होने जा रहा है जिसकी थीम “ ट्रांसलेशलन रिर्सच: न्यू हॉरीजोंस इन फार्मास्युटिकल साइंस फॉर विकसिज भारत” रखा गया है। इस आयोजन में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगेे। इसके साथ ही फॉर्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की एजुकेशनरेगुलेशन कमेटी के अध्यक्ष डॉ दीपेन्द्र सिंह , वरि. वैज्ञानिक डॉ मनीष चौरसिया, डॉ एन.पी.यादव, शोधकर्ता डॉ गौरव कैंथवास, भारतीय फार्माकोपिया आयोग से डॉ शशी भूषण सहभागिता करेंगे। प्राचार्य डॉ संजय काला ने कहा कि भविष्य को देखते हुए पीएम की विकसित भारत योजना को आगे अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर शोध के लिए कोलाइब्रेशन भी किया जायेगा। प्रेसवार्ता के दौरान फार्मेसी विभाग से प्रो. अमिता तिलक, प्रो. मीनाक्षी वर्मा, डॉ अनुराग कुमार , डॉ शशांक सिंह (वैज्ञानिक एमआरयू जीएसवीएम मेडिकल कालेज), शोभना श्रीवास्तव, डॉ अनुशा तथा मीडिया प्रभारी डाू सीमा द्विवेदी मौजूद रही। 400 एकड में बनेगा ड्रग एवं मेडिकल डिवाइस पार्क प्राचार्य प्रो. डॉ सजंय काला ने बताया कि शोध को विकसित करने के लिए ड्रग्स यानी की दवाओं और मेडिकल डिवाईस पर शेाध पार्क ललितपुर में बनाया जा रहा है। जहां पर राष्ट्रीय व अर्न्तराष्ट्रीय स्तर के शोध छात्र-छात्राएं करेंगे और अनुभव साझा करेंगे।