विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
- हेपेटाइटिस बी के प्रति माह 60 मरीज तो सी के 30 मरीज हो रहे शिकार
- दो वर्षो में 800 मरीजो का हेपेटाइटिस किया ठीक, 500 का चल रहा इलाज
- पीजीआई सुपर स्पेशिलिटी में हेपेटाइटिस की मिलती है निःशुल्क दवा
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के सुपर स्पेशिलिटी पीजीआई में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अर्न्तगत विश्व हेपेटाइटस दिवस पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कालेज प्राचार्य डॉ संजय काला, उप प्राचार्या डॉ रिचा गिरी, पीजीआई के नोडल अधिकारी डॉ मनीष सिंह व गस्ट्रो इंट्रोलाइजर डॉ विनय कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर हेपेटाइटिस के बारे में लोगो को जागरूक किया गया और वर्ष 2030 तक लोगो को हेपेटाइटिस मुक्त बनाना है। गस्ट्रो इंट्रोलाइजर डॉ विनय कुमार ने बताया कि हेपेटाइटिस (ए,सी,बी,ई) यह चार प्रकार की होती है। ए और ई वायरल हेपेटाइटिस होते है जो कि सामान्य इलाज से ठीक हो जाते है ,लेकिन हेपेटाइटिस बी और सी में बी बहुत ही गंभीर होता है जिसका इलाज अजीवन तक चलता है। जबकि सी का इलाज 12 से 24 हफ्तो तक कर मरीज को स्वस्थ्य किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस बी का ट्रायल चल रहा है इसमें पीजीआई संजय गांधी, बीएचयू , जीएसवीएम मेडिकल कालेज एक साथ शोध का कार्य कर रहे है। प्रतिदिन माह हेपेटाइटिस सी के 20 से 30 मरीज आ रहे है तो वहीं हेपेटाइटिस बी के प्रतिदिन दो मरीज के हिसाब से महीने भर में 50 से 60 मरीज आ रहे है। उन्होंने बताया कि शुरूआती समय में हेपेटाइटिस के कोई भी लक्ष्यण नही दिखाई पडते है जिसे मरीज को समय पर पता ही नही पता है कि उसे हेपेटाइटिस हुआ है। उन्होंने कहा कि विश्व हेपेटाइटिस दिवस का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 में हेपेटाइटिस मुक्त बनाना है। जिसके लिए लोगो को जारूगक होना बहुत जरूरी है और समय पर अपनी जांच जरूर कराये कहीं हेपेटाइटिस तो नही पनप रहा। हेपेटाइटिस ए और सी क्या है ?हेपेटाइटिस ए और सी दोनों लिवर (जिगर) के संक्रमण हैं जो अलग-अलग वायरस और तरीकों से फैलते हैं। हेपेटाइटिस ए दूषित पानी और भोजन से होता है, जबकि हेपेटाइटिस सी मुख्य रूप से संक्रमित खून के संपर्क में आने से फैलता है। हेपेटाइटिस ए (एचएवी) वायरस के कारण होता है। इसके फैलने का तरीका है कि यह दूषित पानी या खाने की चीजों के सेवन से फैलता है। आमतौर पर कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक रहता है और मरीज बिना किसी नुकसान के पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। इसके लिए सुरक्षित टीका (वैक्सीन) भी उपलब्ध है। वहीं हेपेटाइटिस सी यह (एचसीवी) वायरस के कारण होता है। यह मुख्य रूप से खून से खून के संपर्क में आने से फैलता है (जैसे संक्रमित सुई या सिरिंज साझा करने से), लंबे समय तक रहने वाली (क्रॉनिक) बीमारी भी कारण बन सकता है, जिससे लिवर को गंभीर नुकसान या कैंसर हो सकता है। इसके इलाज इसके लिए असरदार एंटीवायरल दवाएं मौजूद हैं जो इसे पूरी तरह ठीक कर सकती हैं, लेकिन इसका कोई टीका नहीं है।