जेष्ठ पुर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | हिंदू धर्म में पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व है। यूं तो पूर्णिमा प्रत्येक माह आती है लेकिन जेष्ठ मास की पूर्णिमा का अधिक महत्व है। सोमवार को जेष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रृद्धालुओं की बडी संख्या गंगा घटों पर दिखाई दी। सुबह पांच बजे से ही लोगों ने नगर के विभिन्न घाटों पर जानकर गंगा स्नान कर सूर्य को अर्द्ध दिया। जेष्ठ मास की पूर्णिमा को खास तौर पर गंगा स्नान, पूजा एवं दान कर्म के साथ ही लक्ष्मी नारायण की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। नगर के जाजमऊ घाट से लेकर गोला घाट, गुप्तार घाट, सरसैया घाट, मैग्जीन घाट से बिठूर के घाटों तक श्रद्धालुओं के रूप में आस्था का सैलाब दिखाई दिया। लोगों ने गंगा में स्नान कर अध्र्य दिया और घाटों पर स्थित मंदिरों में भगवान शिव का जहां रूद्राभिषेक किया तो वहीं लक्ष्मी नारायण का पूजन कर अपने परिजनों के सुख-समृद्धि की कामनाये की। आचार्य राकेश तिवारी ने बताया कि सोमवार की ब्रम्ह बेला में पूर्णिमा तिथि लगी है और तिथी लगने से लकर सूर्योदय तक का गंगा स्नान व पूजा अर्चना का समय श्रेष्ठ है। उन्होने कहा कि जहां दान दक्षिणा करने के पितृरो का अर्शीवाद प्राप्त होता है तो वहीं विभिन्न पवित्र नदियों में स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ती होती है। इस दिन पुण्य कर्म करने से उसे फल की प्राप्ती कई गुना बढ जाती है। नगर के अलावा बाहरी क्षेत्रों में निजी वाहनो से श्रद्धालु गंगा स्नान को पहुंचे। घाटनों के बाहर मेले से माहौल बना रहा। विभिन्न प्रकार के सामनो व खाने पीने की दुकानों में श्रद्धालुओं की भीड लगी रही।
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