शताब्दी एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान पकड़ा गया फर्जी टीटी, आरपीएफ ने दबोचा
- आरपीएफ टीम ने शक होने पर की गहन पूछताछ,फर्जी आई-कार्ड बरामद
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर-रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और अनाधिकृत तत्वों पर नजर रखने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कानपुर सेंट्रल की आरपीएफ टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है गाड़ी संख्या 12033 कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान आरपीएफ और रेल स्टाफ की मुस्तैदी से एक शातिर फर्जी टीटी (ट्रेन टिकट परीक्षक) को रंगे हाथों पकड़ा गया है आरोपी रेलवे का फर्जी पहचान पत्र (आई-कार्ड) बनवाकर खुद को टीटी बताकर ट्रेन में यात्रा कर रहा था और यात्रियों पर रौब गालिब कर रहा था मिली जानकारी के अनुसार, कानपुर सेंट्रल से नई दिल्ली के बीच शताब्दी एक्सप्रेस के अनुरक्षण (स्कॉर्टिंग) ड्यूटी पर हेड कांस्टेबल लीलाधर एवं कांस्टेबल मनोज कुमार-2 तैनात थे ट्रेन जब अलीगढ़ स्टेशन पहुंची, तो वहां से एक व्यक्ति खुद को टीटी बताते हुए कोच संख्या सी-11 (C-11) में सवार हुआ कोच में प्रवेश करते ही उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखकर वहां मौजूद आरपीएफ हेड कांस्टेबल लीलाधर, ट्रेन के टीएस (ट्रेन सुपरिटेंडेंट) जितेंद्र सिंह यादव तथा कोच टीटी अनुज कुमार को उस पर गहरा शक हुआ संदेह होने पर जब रेल अधिकारियों और आरपीएफ कर्मियों ने उक्त व्यक्ति को रोककर पूछताछ शुरू की, तो वह पहले सकपका गया प्रारंभ में उसने खुद को नॉर्दर्न रेलवे (उत्तर रेलवे) में टीटी के पद पर कार्यरत बताते हुए टीम को गुमराह करने का प्रयास किया इसके बाद जब टीम ने उससे कड़ाई से पूछताछ की और रेलवे का आधिकारिक परिचय पत्र मांगा, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया आरोपी ने स्वीकार किया कि वह रेलवे का कर्मचारी नहीं है, बल्कि उसने अवैध तरीके से फर्जी आई-कार्ड बनवाया था ताकि वह टीटी बनकर मुफ्त यात्रा कर सके और लोगों पर धौंस जमा सके पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम दुर्वेश कुमार, पुत्र भोजराज, निवासी ग्राम नगला, जनपद एटा (उत्तर प्रदेश) बताया है आरपीएफ टीम ने आरोपी के पास से फर्जी पहचान पत्र जब्त कर लिया है शताब्दी एक्सप्रेस के गाजियाबाद स्टेशन पहुँचने पर कानपुर आरपीएफ की टीम ने अग्रिम वैधानिक व कानूनी कार्रवाई हेतु आरोपी दुर्वेश को वहां तैनात जीआरपी के हेड कांस्टेबल सोनू सिंह एवं आरपीएफ के एएसआई ओवेन्द्र सिंह के सुपुर्द कर दिया जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज रखने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।