हीट वेव एवं सूखे के प्रभाव से बचाव के लिए कृषि विभाग ने किसानों को जारी की एडवाइजरी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | जिला कृषि अधिकारी अरूणेश प्रताप सिंह ने जनपद के कृषक भाइयों से अपील की है कि वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी, हीट वेव (लू) एवं संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए स्वयं तथा अपनी फसलों के संरक्षण के लिए आवश्यक सावधानियां अवश्य अपनाएं। उन्होंने बताया कि खेतों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग तथा खरपतवार नियंत्रण पर विशेष ध्यान दें। मल्च के रूप में जैविक अवशेषों (बायोमास) का उपयोग करें तथा सिंचाई जल की बचत के लिए स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाएं। फसलों की नियमित अंतराल पर सायंकाल हल्की सिंचाई करें तथा खेतों में जैविक खाद का प्रयोग करें। फसलों की बुआई पंक्तिवार करें और सिंचाई के दौरान जल की हानि कम करने के लिए पॉलीथीन शीट अथवा कन्वेयंस पाइप का उपयोग करें। ऊंची भूमि वाले क्षेत्रों में कंटूर ट्रेंच जैसी जल संरक्षण तकनीकों को अपनाएं तथा भूजल का आवश्यकता के अनुसार ही उपयोग करें, जिससे उसके अनावश्यक दोहन से बचा जा सके।उन्होंने किसानों को सलाह दी कि धान की नर्सरी में पर्याप्त नमी बनाए रखें तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। यदि जुलाई माह के अंत तक वर्षा हो जाती है तो धान की शीघ्र पकने वाली प्रजातियां तथा मक्का की शीघ्र पकने वाली प्रजातियों की बुआई करें। यदि वर्षा अगस्त के प्रथम सप्ताह तक हो तो उर्द, मूंग, तिल, ज्वार एवं बाजरा की बुआई के साथ अरहर की देर से पकने वाली प्रजातियों का चयन करें। वहीं यदि 15 अगस्त तक वर्षा हो तो उर्द, मूंग, तिल एवं बाजरा की बुआई करें तथा सितंबर के प्रथम पखवारे में तोरिया की बुआई करना उपयुक्त रहेगा। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों एवं आमजन से अपील की कि भीषण गर्मी के दौरान पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करते रहें, अधिक धूप एवं गर्मी में अनावश्यक श्रम कार्य करने से बचें तथा हीट स्ट्रोक अथवा लू के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम राजकीय स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क कर आवश्यक उपचार प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाकर हीट वेव एवं सूखे के दुष्प्रभाव से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
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