तीन दिवसीय अग्नि सुरक्षा एवं बचाव जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान
- प्रशिक्षित एवं सतर्कता से जनहानि एवं संपत्ति की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता: रघूवीर लाल
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद से शासन की इस घटना से सभी को सचेत कर दिया। आगे ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके इसके लिए सभी जिलों को सर्तक करते हुए आवश्यक जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश है। इसी क्रम में पुलिस कमिश्नरेट में जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल एवं अपर पुलिस आयुक्त संकल्प शर्मा की अध्यक्षता में मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा के साथ 26 से 28 जून तक तीन दिवसीय अग्नि सुरक्षा एवं बचाव जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान का आयोजन किया।कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अपर पुलिस उपायुक्त महेश कुमार द्वारा कोचिंग संचालको, हॉस्टल संचालको तथा कार्यक्रम के प्रशासनिक अधिकारियों (विद्युत, सिविल डिफेन्स से समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को कराया गया। शुभारंभ करते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा कि बहुमंजिला भवनों, कोचिंग संस्थानों एवं हॉस्टलों की बढ़ती संख्या में अग्नि सुरक्षा मुख्य विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी अग्निकांड की स्थिति में त्वरित, प्रशिक्षित एवं सतर्क प्रतिक्रिया से जनहानि एवं संपत्ति की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।अभियान के पहले दिन शुक्रवार को पुलिस कार्यालय सभागार में कोचिंग संस्थानों एवं हॉस्टलों के संचालकों एवं व्यवस्थापकों के विस्तृत प्रशिक्षण/जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें फायर सर्विस, सिविल डिफेंस एवं केस्को विद्युत विभाग के विशेषज्ञों द्वारा भवन सुरक्षा मानकों, विद्युत वायरिंग सुरक्षा, अग्निशमन उपकरणों की स्थापना एवं रखरखाव तथा आपात निकासी योजना की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी दुर्घटना के शुरुआती मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं तथा प्रशिक्षित त्वरित प्रतिक्रिया से बड़े हादसों को रोका जा सकता है। केस्को के एक्सईएन सुशील कुमार ने पुरानी वायरिंग, ओवरलोडिंग एवं मानक अनुरूप केबलिंग पर बताया गया कि अधिकतर अग्निकांड विद्युत लोड असंतुलन एवं पुरानी वायरिंग में हीटिंग के कारण होते हैं, इसलिए मानक अनुरूप आर्मर्ड केबल एवं नियमित विद्युत निरीक्षण आवश्यक है। सिविल डिफेंस के विमलेश यादव ने बताया कि आग की प्रारंभिक अवस्था में त्वरित एवं प्रशिक्षित प्रतिक्रिया से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रतिभागियों को फायर एक्सटिंग्विशर संचालन, आग पर प्रारंभिक नियंत्रण एवं सुरक्षित निकासी की व्यावहारिक ट्रेनिंग प्रदान की गई। विशेषज्ञों द्वारा विद्युत जनित आग, गैस सिलेंडर लीकेज, शॉर्ट सर्किट एवं ज्वलनशील पदार्थों से उत्पन्न आग की पहचान एवं नियंत्रण के वैज्ञानिक तरीकों का प्रदर्शन किया। साथ ही फायर एक्सटिंग्विशर, फायर बाल्टी सिस्टम, रेत एवं पानी आधारित नियंत्रण विधियों का लाइव डेमो भी कराया गया।कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) दिनेश त्रिपाठी, अपर पुलिस उपायुक्त शिवा सिंह के साथ सिविल डिफेंस एवं विद्युत विभाग (केस्को) के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।