गंगा टास्क फोर्स ने गंगा नदी के किनारे योग पर चलाया जागरूकता अभियान
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | भारतीय सेना की 137 सी ई टी एफ बटालियन टी ए 39 गोरखा राइफल गंगा टास्क फोर्स ने नाना राव घाट घाट, कानपुर नगर मे स्थानीय लोगों के साथ मिलकर 15 जून 26 से 19 जून 26 तक गंगा नदी के किनारे योग पर जागरूकता अभियान चलाया। इस अवसर पर गंगा टास्क फोर्स के नायब सूबेदार रनवीर सिंह ने नानाराव घाट में उपस्थित स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ऋषि-मुनियों की अमूल्य देन है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। "योग" शब्द का अर्थ है – जोड़ना, अर्थात शरीर, मन और आत्मा का समन्वय स्थापित करना। योग भारत की प्राचीन और अमूल्य धरोहर है। नियमित योगाभ्यास से शरीर लचीला और मजबूत बनता है, रक्त संचार बेहतर होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा हृदय, मधुमेह और मोटापे जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है। वहीं प्राणायाम और ध्यान मन को शांत करते हैं, एकाग्रता बढ़ाते हैं और तनाव को कम करते हैं। योग का महत्व आज पूरे विश्व ने स्वीकार किया है। इसी मान्यता के परिणामस्वरूप हर वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि स्वस्थ जीवन का आधार हमारी दिनचर्या और जीवनशैली में छिपा है। योग हमें अनुशासन, संयम, धैर्य और आत्मनियंत्रण सिखाता है। यह केवल कुछ मिनटों का अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है। यदि हम प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकालें, तो हम स्वयं को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से अधिक सक्षम बना सकते हैं
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