घर बैठे करें अपनी गणना, 7 मई से शुरू होगी स्वगणना
*मोबाइल से भरें अपना ब्यौरा, 22 मई से 20 जून घर-घर आएंगे प्रगणक
*पहली बार नागरिक खुद कर सकेंगे अपनी जनगणना
*https://se.census.gov.in पर करें अपनी गणना*
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर।जनगणना 2027 में पहली बार लोगों को घर बैठे खुद अपनी गणना दर्ज करने की सुविधा मिलने जा रही है। 7 मई से 21 मई तक नागरिक स्वगणना पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी स्वयं ऑनलाइन भर सकेंगे। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर जानकारी का सत्यापन और गणना कार्य करेंगे। जिला प्रशासन ने इसे लेकर जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि “हमारी जनगणना, हमारा विकास” थीम के साथ लोगों को स्वगणना के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वगणना की सुविधा सरल, सुरक्षित और पूरी तरह डिजिटल है। इसके लिए किसी कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि कानपुर नगर में स्व-गणना के लिए नागरिकों को जनगणना पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपने राज्य का चयन कर पंजीकरण करना होगा। परिवार के मुखिया का नाम और दस अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का पंजीकरण किया जा सकेगा। एक व्यक्ति अपना अथवा अपने परिवार के सदस्यों की स्व-गणना पूरे भारत में कहीं से भी कर सकता है।
नागरिक अपनी पसंद की भाषा चुनकर जिले, पिन कोड तथा गांव या शहर की जानकारी दर्ज कर सकेंगे और मानचित्र पर लाल संकेतक के माध्यम से अपने आवास का सटीक स्थान चिह्नित कर सकेंगे।
इसके बाद मकान सूचीकरण और परिवार से संबंधित प्रश्नावली भरनी होगी। सभी विवरण दर्ज करने के बाद नागरिक प्रिव्यू स्क्रीन पर अपने द्वारा भरी गई जानकारी की जांच कर सकेंगे। जानकारी सही पाए जाने पर “फाइनल सबमिट” करने पर एक विशिष्ट 11 अंकों की स्व-गणना पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी, जो मोबाइल या ईमेल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। जब जनगणना प्रगणक घर पहुंचेगा तो नागरिकों को यह स्व-गणना पंजीकरण संख्या उपलब्ध करानी होगी। यदि दर्ज जानकारी उपलब्ध अभिलेखों से मेल खाती है तो उसका सत्यापन कर लिया जाएगा, जबकि अंतर पाए जाने पर प्रगणक आवश्यक जानकारी पुनः एकत्र करेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि घर-सूचीकरण चरण के दौरान सर्वेक्षक भवन के उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व की स्थिति, जल, विद्युत और शौचालय की उपलब्धता, खाना पकाने के ईंधन के प्रकार तथा फोन, वाहन और टेलीविजन जैसी परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रकार के विवरण दर्ज करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वगणना से लोगों का समय बचेगा और आंकड़े अधिक तेजी व शुद्धता के साथ संकलित हो सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई परिवार स्वगणना नहीं कर पाता है तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। निर्धारित अवधि में प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में हो रही है। प्रथम चरण में 22 मई से 20 जून तक घरों की गणना होगी। दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा।
जनगणना से जुड़ी जानकारी और किसी भी प्रकार की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया गया है। पोर्टल पर चैटबॉट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जहां नागरिक अपने सवाल पूछ सकेंगे।
डीएम ने कहा कि जनगणना में दी गई सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रखी जाएंगी। उन्होंने लोगों से सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील करते हुए कहा कि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की योजनाओं, संसाधनों के बेहतर उपयोग और विकास कार्यों की दिशा तय करते हैं। “मेरी गणना, देश की ताकत” के संदेश के साथ सभी नागरिक इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें।