किसानों को दिया टमाटर के मूल्यसंवर्धन पर प्रशिक्षण
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दिलीप नगर के वैज्ञानिकों ने ग्राम सहतावनपूर्वा में आज टमाटर की तुड़ाई उपरांत मूल संवर्धन विषय पर प्रशिक्षण दिया कृषक प्रशिक्षण शिविर में वैज्ञानिकों द्वारा टमाटर उत्पादक किसानों को फसल के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और आय बढ़ाने के लिए मूल्य संवर्धन के विभिन्न तरीके बताए गए। इसका उद्देश्य टमाटर की फसल को सीधे बेचने के बजाय उसे प्रसंस्कृत कर अधिक मुनाफा कमाना है। उद्यान वैज्ञानिक डॉ अरुण कुमार सिंह ने टमाटर प्यूरी/ सॉस बनाने के विषय पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सूर्य की रोशनी या ड्रायर का उपयोग करके टमाटर को सुखाकर या पाउडर बनाकर संरक्षित किया जाता है। टमाटर का स्वादिष्ट अचार और चटनी बनाकर पैक करना। डॉ दीपक मिश्रा ने किसानों को बताया कि प्रसंस्करण से टमाटर की उत्पादकता पर शुद्ध लाभ में लगभग 22.95% की वृद्धि हो सकती है। वैज्ञानिक डॉ शशिकांत ने बताया कि टमाटर एक जल्दी खराब होने वाली फसल है, प्रसंस्कृत उत्पाद इसे लंबे समय तक टिकने योग्य बनाते हैं। तथा ग्रामीण स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित कर महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलता है। इस अवसर पर महिला/पुरुष सहित 30 से अधिक किसान उपस्थित रहे।