उद्यमिता कॉनक्लेव शुभारंभ में कानपुर के इतिहास पर आधारित लघु फिल्म भी गई दिखाई
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए के मुख्य परिसर में गोल्डन जुबली वर्ष पर तीन दिवसीय उद्यमिता कॉनक्लेव का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत कुलपति के विजयेंद्र पांडियन द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के तीन संस्थानों एचवीटीयू, आईआईटी कानपुर एवं एफएफडीसी कन्नौज के साथ विश्वविद्यालय ने एमओयू शाइन किये गये। इस अवसर पर एमएसएमई एवं कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के इतिहास पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। प्रदर्शनी में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए और विभिन्न तकनीकियों का प्रदर्शन किया गया। विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के लघु, सूक्ष्म, खादी एवं मध्यम ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्र मंत्री राकेश सचान ने अपने संबोधन में बताया कि उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में युवाओं को आगे बढ़ाने हेतु कई विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 19 लाख 40 हज़ार युवाओं को ऋण देकर स्वावलंबी बनाया गया है। इस तीन दिवसीय उद्यमिता कॉनक्लैव में मैन्युफैक्चरिंग, फूड टेक्नोलॉजी, तथा टेक्सटाइल सहित अन्य तकनीकियों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि एमएसएमई एवं कृषि के संयुक्त तत्वाधान में युवाओं को नए सेक्टर में रोजगार के सृजन होंगे। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय कानपुर द्वारा नवोन्मेषी विकसित प्रजातियां हेतु धन्यवाद दिया। उन्होंने दलहन और तिलहन के क्षेत्रफल और उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कुपोषण समाप्त करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषकीय भोजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं उन्होंने युवाओं से आवाहन किया की तकनीक का विकास कर वह स्वयं का उद्गम स्थापित करें। उन्होंने कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया। तीन दिवसीय विभिन्न उद्यमों के स्टॉल प्रदर्शित किए गए। इस अवसर पर वैज्ञानिकों द्वारा रचित तीन पुस्तकों का भी विमोचन किया गया। अंत में सभी अतिथियों को धन्यवाद कुलपति के विजयेन्द्र पांडियन ने किया।इस अवसर पर एचवीटीयू के कुलपति प्रोफेसर शमशेर, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक नीलिमा कटियार, निदेशक प्रसार डॉ वी के त्रिपाठी, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ कौशल कुमार,डॉ महक सिंह, डॉक्टर आरके सिंह तथा उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉक्टर संजय सिंह सहित कई अधिकारी और वैज्ञानिक उपस्थित रहे।
|